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RESPIRATORY DISORDERS SUPPORT KIT

RESPIRATORY DISORDERS SUPPORT KIT

Regular price Rs. 3,250.00 INR
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RESPIRATORY DISORDERS SUPPORT KIT

श्वसन तंत्र विकार सपोर्ट किट 

 Respiratory disorders वे बीमारियाँ हैं जो फेफड़ों, श्वास नलियों (airways), अल्वियोलाई और श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इनमें सांस लेने में कठिनाई, खांसी, सीने में जकड़न और ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण प्रमुख होते हैं।

1) संक्षिप्त परिचय

Respiratory disorders में फेफड़ों की संरचना, कार्य या वायुमार्गों में रुकावट होती है। इससे ऑक्सीजन का आदान–प्रदान प्रभावित होता है और शरीर की ऊर्जा व जीवनक्षम कार्यों पर असर पड़ता है। कारणों में संक्रमण, प्रदूषण, धूम्रपान और एलर्जी मुख्य हैं।

2) प्रकार (Types)

Obstructive Disorders- AsthmaCOPD (Chronic Bronchitis, Emphysema) Bronchiectasis
Restrictive Disorders -Pulmonary Fibrosis Sarcoidosis Obesity-related restrictive lung disease
Infectious Diseases Pneumonia, Tuberculosis (TB),Viral respiratory infections (Influenza, RSV)
Allergic Disorders Allergic Rhinitis, Hypersensitivity pneumonitis
Others Sleep apnea, Pulmonary hypertension

3) लक्षण (Symptoms)

सांस फूलना (breathlessness)
लगातार खांसी (dry or productive)
सीने में दबाव/जकड़न
घरघराहट (wheezing)
बलगम जमा होना
तेज़ थकान
नींद में सांस रुकना (sleep apnea)
बार-बार इन्फेक्शन होना
Cyanosis (होंठ/उंगलियों नीले पड़ना – गंभीर स्थिति)

4) कारण (Causes)

धूम्रपान
वायु प्रदूषण, धूल, धुआँ
एलर्जी और संवेदनशीलता
वायरल/बैक्टीरियल संक्रमण
Occupational exposure (फैक्ट्री, केमिकल, खदानें)
Genetic factors
Obesity
कमजोर इम्युनिटी
Passive smoking

5) बचाव (Prevention)

धूम्रपान और passive smoking पूरी तरह बंद
मास्क पहनना (धूल, प्रदूषण क्षेत्रों में)
नियमित व्यायाम और प्राणायाम
घर में ventilation अच्छा रखें
इम्युनिटी बढ़ाने वाला आहार
सर्दी-खांसी में सावधानी
वजन नियंत्रण
फ्लू, pneumonia जैसी वैक्सीन डॉक्टर की सलाह से
अचानक तापमान परिवर्तन से बचें

6) डाइट चार्ट (Lung-Healthy Diet)

सुबह खाली पेट:
गुनगुना पानी + शहद + अदरक / 4 बादाम
या
हल्का हर्बल काढ़ा (तुलसी–अदरक–मुलेठी)

नाश्ता:
ओट्स, दलिया, रागी, पोहा
फल: सेब, पपीता, नारंगी, बेरीज़
(विटामिन C फेफड़ों के लिए अत्यंत लाभकारी)

दोपहर:
मल्टीग्रेन रोटी
हरी पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, मेथी)
लौकी, तोरी, गोभी, गाजर
मूंग दाल/मसूर दाल
सलाद + नींबू

शाम:
अदरक-तुलसी चाय
भुने चने / मखाने
हल्का सूप (टमाटर/हरी सब्जी)

रात:
खिचड़ी, दाल सूप, हल्की सब्जियाँ
भारी भोजन, दही, ठंडा पानी न लें

सोने से पहले:
गुनगुना हल्दी दूध / त्रिफला पानी

7) अपथ्य (Avoid)

धूम्रपान, हुक्का, वेप
ठंडे पेय, आइसक्रीम
तली चीज़ें, भारी भोजन
अत्यधिक चीनी
प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड स्नैक्स
ठंडी जगहों में अचानक एक्सपोज़र
दही, चावल रात में
बहुत अधिक तेल, मसाले, नमक

8) योगासन (Respiratory Disorders में लाभकारी)

भुजंगासन
ताड़ासन
अर्ध चक्रासन
मत्स्यासन
वज्रासन
शवासन
प्राणायाम: अनुलोम–विलोम
भ्रामरी
उज्जायी
कपालभाति (Asthma/COPD में हल्की मात्रा, डॉक्टर की सलाह से)
डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज

9) Ayurvedic जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

सांस नलियों की सूजन कम
कफ कम, एंटी-इन्फ्लेमेटरी
इम्युनिटी बढ़ाती
श्वसन तंत्र खोलती
बलगम निकालती
संक्रमण और सूजन कम
नाक की सफाई और airway clearance
कफ कम करता है

आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों के साथ संयोजन

अड़ूसा, बहेड़ा, मुलेठी, हल्दी, शिरीष, कंटकारी, तुलसी, काकरासिंघी, कपूर-कचरी, पिप्पली, कुटकी,  भारंगी,  सौंठ, बिल्व पत्र, काली मिर्च, अनार छिलका, भृंगराज, नवसादर, कपूर, अजवायन के फूल।, गोजला,अडूसा पाउडर, मुलेठी, हल्दी, शिरीष, कंटकारी, तुलसी, काकड़सिंगी, कपूर-कचरी, पिप्पली, कुटकी, भरंगी, सोंठ, बिल्व पत्र, काली मिर्च, त्रिफला, सोमलता, नवसादर, कपूर, अजवायन के फूल, लवंग, द्राक्षा, जूफा, लहसुन, विदंग,गोजला सांद्र जैसी जड़ीबूटियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

1. आयुर्वेदिक ब्रोंकोल सिरप 6-6 चम्मच और 2-2 चम्मच गोअमृत दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक कफनल कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।

3.  सुबह और शाम एक गिलास गाय के दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर उबालकर पिएँ ।

4. सोने से पहले सिर के नीचे तकिये का उपयोग किए बिना प्रत्येक नाक में टोनर नेज़ल की 2-2 बूंदें डालें। इसके अलावा  नाभि    क्षेत्र (नाभि) पर उपरोक्त तरल की 2 बूंदें डालें और अनामिका की मदद से उंगली को दक्षिणावर्त और वामावर्त दिशा में 3-4 बार घुमाएं। इसी प्रकार इसे प्रतिदिन क्रमशः सुबह और दोपहर के भोजन के बाद दोहराएँ। पिघलाने के लिए बोतल को गर्म पानी में या सीधे सूर्य की रोशनी में रखें।

5. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक का 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।

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Call For Free Consultation- 07313599100

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श्वसन तंत्र विकार सपोर्ट किट 

 Respiratory disorders वे बीमारियाँ हैं जो फेफड़ों, श्वास नलियों (airways), अल्वियोलाई और श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इनमें सांस लेने में कठिनाई, खांसी, सीने में जकड़न और ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण प्रमुख होते हैं।

1) संक्षिप्त परिचय

Respiratory disorders में फेफड़ों की संरचना, कार्य या वायुमार्गों में रुकावट होती है। इससे ऑक्सीजन का आदान–प्रदान प्रभावित होता है और शरीर की ऊर्जा व जीवनक्षम कार्यों पर असर पड़ता है। कारणों में संक्रमण, प्रदूषण, धूम्रपान और एलर्जी मुख्य हैं।

2) प्रकार (Types)

Obstructive Disorders- AsthmaCOPD (Chronic Bronchitis, Emphysema) Bronchiectasis
Restrictive Disorders -Pulmonary Fibrosis Sarcoidosis Obesity-related restrictive lung disease
Infectious Diseases Pneumonia, Tuberculosis (TB),Viral respiratory infections (Influenza, RSV)
Allergic Disorders Allergic Rhinitis, Hypersensitivity pneumonitis
Others Sleep apnea, Pulmonary hypertension

3) लक्षण (Symptoms)

सांस फूलना (breathlessness)
लगातार खांसी (dry or productive)
सीने में दबाव/जकड़न
घरघराहट (wheezing)
बलगम जमा होना
तेज़ थकान
नींद में सांस रुकना (sleep apnea)
बार-बार इन्फेक्शन होना
Cyanosis (होंठ/उंगलियों नीले पड़ना – गंभीर स्थिति)

4) कारण (Causes)

धूम्रपान
वायु प्रदूषण, धूल, धुआँ
एलर्जी और संवेदनशीलता
वायरल/बैक्टीरियल संक्रमण
Occupational exposure (फैक्ट्री, केमिकल, खदानें)
Genetic factors
Obesity
कमजोर इम्युनिटी
Passive smoking

5) बचाव (Prevention)

धूम्रपान और passive smoking पूरी तरह बंद
मास्क पहनना (धूल, प्रदूषण क्षेत्रों में)
नियमित व्यायाम और प्राणायाम
घर में ventilation अच्छा रखें
इम्युनिटी बढ़ाने वाला आहार
सर्दी-खांसी में सावधानी
वजन नियंत्रण
फ्लू, pneumonia जैसी वैक्सीन डॉक्टर की सलाह से
अचानक तापमान परिवर्तन से बचें

6) डाइट चार्ट (Lung-Healthy Diet)

सुबह खाली पेट:
गुनगुना पानी + शहद + अदरक / 4 बादाम
या
हल्का हर्बल काढ़ा (तुलसी–अदरक–मुलेठी)

नाश्ता:
ओट्स, दलिया, रागी, पोहा
फल: सेब, पपीता, नारंगी, बेरीज़
(विटामिन C फेफड़ों के लिए अत्यंत लाभकारी)

दोपहर:
मल्टीग्रेन रोटी
हरी पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, मेथी)
लौकी, तोरी, गोभी, गाजर
मूंग दाल/मसूर दाल
सलाद + नींबू

शाम:
अदरक-तुलसी चाय
भुने चने / मखाने
हल्का सूप (टमाटर/हरी सब्जी)

रात:
खिचड़ी, दाल सूप, हल्की सब्जियाँ
भारी भोजन, दही, ठंडा पानी न लें

सोने से पहले:
गुनगुना हल्दी दूध / त्रिफला पानी

7) अपथ्य (Avoid)

धूम्रपान, हुक्का, वेप
ठंडे पेय, आइसक्रीम
तली चीज़ें, भारी भोजन
अत्यधिक चीनी
प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड स्नैक्स
ठंडी जगहों में अचानक एक्सपोज़र
दही, चावल रात में
बहुत अधिक तेल, मसाले, नमक

8) योगासन (Respiratory Disorders में लाभकारी)

भुजंगासन
ताड़ासन
अर्ध चक्रासन
मत्स्यासन
वज्रासन
शवासन
प्राणायाम: अनुलोम–विलोम
भ्रामरी
उज्जायी
कपालभाति (Asthma/COPD में हल्की मात्रा, डॉक्टर की सलाह से)
डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज

9) Ayurvedic जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

सांस नलियों की सूजन कम
कफ कम, एंटी-इन्फ्लेमेटरी
इम्युनिटी बढ़ाती
श्वसन तंत्र खोलती
बलगम निकालती
संक्रमण और सूजन कम
नाक की सफाई और airway clearance
कफ कम करता है

आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों के साथ संयोजन

अड़ूसा, बहेड़ा, मुलेठी, हल्दी, शिरीष, कंटकारी, तुलसी, काकरासिंघी, कपूर-कचरी, पिप्पली, कुटकी,  भारंगी,  सौंठ, बिल्व पत्र, काली मिर्च, अनार छिलका, भृंगराज, नवसादर, कपूर, अजवायन के फूल।, गोजला,अडूसा पाउडर, मुलेठी, हल्दी, शिरीष, कंटकारी, तुलसी, काकड़सिंगी, कपूर-कचरी, पिप्पली, कुटकी, भरंगी, सोंठ, बिल्व पत्र, काली मिर्च, त्रिफला, सोमलता, नवसादर, कपूर, अजवायन के फूल, लवंग, द्राक्षा, जूफा, लहसुन, विदंग,गोजला सांद्र जैसी जड़ीबूटियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

1. आयुर्वेदिक ब्रोंकोल सिरप 6-6 चम्मच और 2-2 चम्मच गोअमृत दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक कफनल कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।

3.  सुबह और शाम एक गिलास गाय के दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर उबालकर पिएँ ।

4. सोने से पहले सिर के नीचे तकिये का उपयोग किए बिना प्रत्येक नाक में टोनर नेज़ल की 2-2 बूंदें डालें। इसके अलावा  नाभि    क्षेत्र (नाभि) पर उपरोक्त तरल की 2 बूंदें डालें और अनामिका की मदद से उंगली को दक्षिणावर्त और वामावर्त दिशा में 3-4 बार घुमाएं। इसी प्रकार इसे प्रतिदिन क्रमशः सुबह और दोपहर के भोजन के बाद दोहराएँ। पिघलाने के लिए बोतल को गर्म पानी में या सीधे सूर्य की रोशनी में रखें।

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