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Acidity Support Treatment

Acidity Support Treatment

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अम्लता-  सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में गैस दूर करें 

Acidity- relieve heartburn, sour burps and gas in the stomach

एक आम पाचन समस्या है, जिसे आयुर्वेद में 'अम्लपित्त' कहा जाता है। यह तब होती है जब पेट में अम्ल (गैस्ट्रिक एसिड) की मात्रा असंतुलित हो जाती है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में गैस जैसी तकलीफें होती हैं।

🧾 1. लक्षण (Symptoms):

सीने में जलन (Heartburn), विशेषकर भोजन के बाद या लेटने पर

खट्टी डकार आना

पेट फूलना या भारीपन

मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद

भूख कम लगना

मिचली या उल्टी जैसा महसूस होना

सिरदर्द (कभी-कभी)

🧬 2. कारण (Causes):

मसालेदार, तली हुई या खट्टी चीज़ों का अत्यधिक सेवन

अधिक चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट

समय पर भोजन न करना या भोजन छोड़ना

देर रात तक जागना, नींद की कमी

तनाव और क्रोध

हर्निया या पाचन तंत्र की अन्य समस्याएं

कुछ दवाएं (जैसे पेनकिलर, स्टेरॉइड्स)

🛡️ 3. बचाव (Prevention):

समय पर हल्का और संतुलित भोजन करें

तैलीय, खट्टी और मसालेदार चीज़ें कम करें

खाने के तुरंत बाद न लेटें

भोजन के बाद थोड़ी देर टहलें

तनाव कम करें (ध्यान, प्राणायाम)

सुबह गर्म पानी या सादा नींबू पानी पीना

ज्यादा देर तक भूखे न रहें

नियमित मल त्याग की आदत बनाएं

🐄 4 . जैंस काउ यूरिन थेरेपी (Cow Urine Therapy)

पित्तशामक और पाचन सुधारक
अम्लता और जलन कम करने में असरदार
गैस और एसिडिटी के लिए
आमाशय को शांत करता है
पेट की परत को सुरक्षा देता है
पाचन अग्नि को नियंत्रित करता है
शरीर से विषाक्त तत्व निकालता है
एसिड का संतुलन ठीक करता है
पेट के संक्रमण से रक्षा करता है

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

गौमूत्र को सोंठ, आंवला, नागरमोथा, भुई आंवला, शतावरी, सौंफ, हरड़, विदांग, चित्रक, यवानी अजवाइन, कुलंजन, जीरा, पुदीना, अजवाइन, काला नमक,पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक अन्य मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन आदि के साथ निम्नानुसार एसिडिटी में उपयोग करें

1.Take Ayurvedic Aptifort and Heporyl Syrup 3-3 Teaspoonful daily Twice a day.

2. Take Ayurvedic Aptifort Capsule 1-1 daily twice a day.

3.Take Ayurvedic Toner half-half  teaspoon (2.5 ml) with 70-100 ml (half cup) of luke warm cow's milk in morning & Evening daily.

4.Take 1-1 teaspoon of Ayurvedic Fortex Pak twice a day.

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अम्लता-  सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में गैस दूर करें 

Acidity- relieve heartburn, sour burps and gas in the stomach

एक आम पाचन समस्या है, जिसे आयुर्वेद में 'अम्लपित्त' कहा जाता है। यह तब होती है जब पेट में अम्ल (गैस्ट्रिक एसिड) की मात्रा असंतुलित हो जाती है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में गैस जैसी तकलीफें होती हैं।

🧾 1. लक्षण (Symptoms):

सीने में जलन (Heartburn), विशेषकर भोजन के बाद या लेटने पर

खट्टी डकार आना

पेट फूलना या भारीपन

मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद

भूख कम लगना

मिचली या उल्टी जैसा महसूस होना

सिरदर्द (कभी-कभी)

🧬 2. कारण (Causes):

मसालेदार, तली हुई या खट्टी चीज़ों का अत्यधिक सेवन

अधिक चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट

समय पर भोजन न करना या भोजन छोड़ना

देर रात तक जागना, नींद की कमी

तनाव और क्रोध

हर्निया या पाचन तंत्र की अन्य समस्याएं

कुछ दवाएं (जैसे पेनकिलर, स्टेरॉइड्स)

🛡️ 3. बचाव (Prevention):

समय पर हल्का और संतुलित भोजन करें

तैलीय, खट्टी और मसालेदार चीज़ें कम करें

खाने के तुरंत बाद न लेटें

भोजन के बाद थोड़ी देर टहलें

तनाव कम करें (ध्यान, प्राणायाम)

सुबह गर्म पानी या सादा नींबू पानी पीना

ज्यादा देर तक भूखे न रहें

नियमित मल त्याग की आदत बनाएं

🐄 4 . जैंस काउ यूरिन थेरेपी (Cow Urine Therapy)

पित्तशामक और पाचन सुधारक
अम्लता और जलन कम करने में असरदार
गैस और एसिडिटी के लिए
आमाशय को शांत करता है
पेट की परत को सुरक्षा देता है
पाचन अग्नि को नियंत्रित करता है
शरीर से विषाक्त तत्व निकालता है
एसिड का संतुलन ठीक करता है
पेट के संक्रमण से रक्षा करता है

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

गौमूत्र को सोंठ, आंवला, नागरमोथा, भुई आंवला, शतावरी, सौंफ, हरड़, विदांग, चित्रक, यवानी अजवाइन, कुलंजन, जीरा, पुदीना, अजवाइन, काला नमक,पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक अन्य मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन आदि के साथ निम्नानुसार एसिडिटी में उपयोग करें

1.Take Ayurvedic Aptifort and Heporyl Syrup 3-3 Teaspoonful daily Twice a day.

2. Take Ayurvedic Aptifort Capsule 1-1 daily twice a day.

3.Take Ayurvedic Toner half-half  teaspoon (2.5 ml) with 70-100 ml (half cup) of luke warm cow's milk in morning & Evening daily.

4.Take 1-1 teaspoon of Ayurvedic Fortex Pak twice a day.

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