
FEVER
ज्वर / बुखार
संक्षिप्त परिचय:
शरीर का तापमान सामान्य सीमा (लगभग 98.6°F / 37°C) से बढ़ जाना बुखार कहलाता है। यह स्वयं में एक रोग नहीं, बल्कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा संक्रमण, सूजन या किसी रोग के विरुद्ध प्रतिक्रिया है।
प्रकार:
कम बुखार – 99°F से 100.4°F
मध्यम बुखार – 100.4°F से 102°F
तेज़ बुखार – 102°F से अधिक
रुक-रुककर आने वाला (Intermittent)
लगातार रहने वाला (Continuous)
मलेरिया जैसा उतार-चढ़ाव वाला (Remittent)
वायरल बुखार, बैक्टीरियल बुखार, टाइफाइड, डेंगू आदि कारण-आधारित प्रकार
लक्षण:
शरीर में गर्मी और कंपकंपी
थकान, कमजोरी
सिर दर्द, बदन दर्द
भूख कम होना
अत्यधिक पसीना
डिहाइड्रेशन
बच्चों में चिड़चिड़ापन / सुस्ती
कारण:
वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण (सर्दी, फ्लू, टाइफाइड)
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियाँ
सूजन या एलर्जी
हीट स्ट्रोक
पानी की कमी
बच्चों में टीकाकरण के बाद
इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी
कुछ दवाइयों का रिएक्शन
बचाव:
हाथों की सफाई, नियमित साबुन या हैंडवॉश
गंदे पानी और दूषित भोजन से बचें
मच्छरों से बचाव (नेट, क्रीम, साफ पानी जमा न होने दें)
भीड़भाड़ में मास्क का उपयोग
बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचें
पानी और पोषण संतुलित मात्रा में
डाइट चार्ट:
गुनगुना पानी और नारियल पानी
दाल का हल्का सूप, मूंग खिचड़ी
फलों का रस — विशेषकर नींबू, संतरा, अनार
आसानी से पचने वाला भोजन
इलेक्ट्रोलाइट पानी
आंवला और शहद
छाछ, दही (अगर गले में दर्द न हो)
अपथ्य (बचने योग्य):
तली-भुनी और भारी चीजें
बहुत ठंडा या बहुत गरम खाना
चटपटा, मसालेदार भोजन
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
अत्यधिक मीठा
धूप में अधिक समय तक जाना
कठोर परिश्रम या व्यायाम
योगासन (शरीर की गर्मी और तनाव कम करने के लिए):
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम
शवासन – शरीर को आराम
बालासन – सुकून और सिस्टम को रिकवरी
ध्यान – तनाव और प्रतिरक्षा सुधार
(बुखार के तेज होने पर योग न करें, सिर्फ आराम व श्वास व्यायाम)
आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी
वायरस प्रतिरोध
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता
एंटीमाइक्रोबियल
सर्दी-जुकाम में लाभकारी
ज्वर नाशक
शरीर संतुलन
ताप कम
आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन
अनारछाल, अमरूद पत्र, अनंत मूल, अरीमेद, बबूल, बड़ी इलायची, भृंगराज, गोखरू, हरड़ पाउडर, ककझंघा, कपिथ/कैथ, लहसुन पाउडर, लवंग पाउडर, लोध्र, मंजीठा, निम्बोली, निर्गुण्डी, पार्क यवानी, पतला पत्र, सौंठ, टागर, तेजबल, विदंग,गोजला सांद्र, शतावरी, आंवला, गोखरू, अश्वगंधा, पुनर्नवा, अर्जुन, गिलोय, नीम, रसना, वासा, कुटकी, भुई आंवला जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।
आवश्यक मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन के साथ इलाज करें |
1. आयुर्वेदिक पायरोसिन सिरप 6-6 चम्मच दिन में दो बार लें।
2. आयुर्वेदिक पायरोफ्री कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।
3. तुलसी की 31 पत्तियां + 5 काली मिर्च का सूखा पाउडर लें और इसे एक गिलास पानी के साथ पिएं। उबालकर पियें-सर्दी और बरसात के मौसम में पानी.
4. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक का 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।
5.
—---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
प्रतिबंधित आहार- इमली, अचार, तला हुआ भोजन, मीठा, धूम्रपान, तम्बाकू
अनुशंसित आहार : नींबू पानी, नारियल, चुकंदर, पपीता, लाल जेली फल, खिडी, मैश, अंगूर, सेब, शहद-तरबूज, अनार, नारंगी, अंकुरित अनाज, चौलाई, मूली, परवल, एंगल्ड लूफै़ण, पुदीना, किडनी -बीन, अदरक, धनिया, टमाटर, गाजर का रस।
Whatsapp the reports- 9179078878
Call For Free Consultation- 07313599100
- pyrosin syrup-3 pyrofree capsule-1 fortex pak-1 mouthfreashner-1
More Information To You
Things you need to know
We use industry standard SSL encryption to protect your details. Potentially sensitive information such as your name, address and card details are encoded so they can only be read on the secure server.
- Safe Payments
- Accept Credit Cart
- Different Payment Method
- Price Include VAT
- Easy To Order
Express Delivery
- Europe & USA within 2-4 days
- Rest of the world within 3-7 days
- Selected locations