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HEPATIC FAILURE - SUPPORT KIT

HEPATIC FAILURE - SUPPORT KIT

Regular price Rs. 3,100.00 INR
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HEPATIC FAILURE - SUPPORT KIT

      लिवर फेलियर - सपोर्ट किट 

🧠 1. परिचय (Introduction)

Hepatic Failure या Liver Failure एक ऐसी स्थिति है जिसमें यकृत (Liver) अपनी सामान्य कार्यक्षमता (जैसे — डिटॉक्सिफिकेशन, प्रोटीन निर्माण, पित्त निर्माण, ऊर्जा चयापचय) को पूरा करने में असमर्थ हो जाता है।

👉 यह स्थिति जीवन के लिए गंभीर और आपातकालीन होती है।
👉 यह अचानक (Acute) या धीरे-धीरे (Chronic) विकसित हो सकती है।

लिवर की विफलता से शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं, खून का थक्का नहीं बनता, पाचन और मेटाबॉलिज़्म गड़बड़ा जाता है और मस्तिष्क तक प्रभावित हो सकता है।

🧪 2. प्रकार (Types)

प्रकार

विवरण

🟡 Acute Liver Failure (तीव्र यकृत विफलता)

अचानक कुछ हफ्तों में विकसित होती है — जैसे वायरल हेपेटाइटिस, दवा/ज़हर से। यह अत्यंत खतरनाक और जीवन-रक्षक चिकित्सा की मांग करती है।

🔵 Chronic Liver Failure (दीर्घकालिक)

कई महीनों–सालों में धीरे-धीरे विकसित होती है — जैसे सिरोसिस, लंबे समय से शराब/वायरल संक्रमण।

🟠 Acute-on-Chronic

पहले से क्रोनिक लिवर डिजीज वाले मरीज में अचानक तीव्र विफलता होना।

🚨 3. लक्षण (Symptoms)

⚠️ शुरुआती अवस्था में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन प्रगति तेज़ होती है, समय पर पहचान ज़रूरी है।

प्रारंभिक लक्षण 👇

भूख में कमी, थकान, पाचन गड़बड़ी
मिचली, उल्टी
हल्का पीलिया
पेट में भारीपन / दर्द

प्रगतिशील अवस्था 👇

हरा पीलिया
पेट में पानी भरना (Ascites)
पैरों में सूजन
पेशाब गहरा, मल सफेद
नींद में बदलाव, भ्रम, चिड़चिड़ापन (Hepatic Encephalopathy)
खून बहने की प्रवृत्ति (Gums, नाक, स्किन)
सांस की तकलीफ, ब्लड प्रेशर गिरना (गंभीर अवस्था में)

🧭 4. कारण (Causes)

कारण

विवरण

🦠 Viral Hepatitis (A, B, C, D, E)

Acute/Chronic संक्रमण से लिवर को नुकसान

💊 दवाइयों/ज़हर का असर

Paracetamol overdose, कुछ हर्बल या जहरीले पदार्थ

🍷 Alcohol

लम्बे समय तक अत्यधिक सेवन से सिरोसिस

🧬 ऑटोइम्यून या मेटाबोलिक रोग

जैसे Wilson's disease

🍄 विषाक्त फफूंद/रसायन

(Mushroom toxins, chemicals)

🩸 Blood flow disorders

जैसे Budd–Chiari Syndrome

🛡 5. बचाव (Prevention)

👉 लिवर फेलियर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है लिवर को समय से सुरक्षित रखना 👇

  • हेपेटाइटिस A और B के लिए वैक्सीन लगवाएं ✅
    स्वच्छ पानी व स्वच्छता बनाए रखें
    शराब और ड्रग्स का सेवन न करें 🚫
    बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर या हर्बल दवाएँ न लें (Paracetamol ओवरडोज़ विशेष रूप से खतरनाक)
    वायरल हेपेटाइटिस का समय पर उपचार
    फैटी लिवर / सिरोसिस के मरीज नियमित मॉनिटरिंग करें
    विषाक्त मशरूम या संदिग्ध पदार्थों से परहेज़

🥗 6. डाइट चार्ट (Diet Plan)

✅ अनुशंसित आहार (Pathya)

गुनगुना पानी, नारियल पानी
हल्का सुपाच्य भोजन — मूंग दाल, दलिया, खिचड़ी
हरी सब्जियाँ — लौकी, तोरी, परवल, पालक
ताजे फल — पपीता, सेब, अमरूद, तरबूज (सीजनल)
कम मात्रा में अच्छी क्वालिटी प्रोटीन (मूंग, पनीर, दही)
नमक सीमित मात्रा में (Ascites हो तो बहुत कम)
बार-बार थोड़ा-थोड़ा खाना (small frequent meals)

❌ अपथ्य (Avoid)

शराब, धूम्रपान ❌
तला-भुना, मसालेदार, भारी खाना
रेड मीट, मांसाहार
जंक फूड, पैकेट फूड, सोडा
बहुत अधिक नमक (पेट में पानी की समस्या बढ़ती है)
बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स/दवाएं

🧘♂️ 7. योगासन (Yoga Asanas)

👉 गंभीर लिवर फेलियर में योगासन डॉक्टर की अनुमति से ही करें।
👉 प्रारंभिक या रिकवरी अवस्था में हल्के योगासन लाभदायक हो सकते हैं 👇

वज्रासन – पाचन सुधारने के लिए
पवनमुक्तासन – पेट की जकड़न कम करने में
भुजंगासन (Cobra Pose) – लिवर क्षेत्र में रक्त संचार सुधारने हेतु (हल्के रूप में)
अनुलोम-विलोम प्राणायाम – विषाक्त पदार्थों के निष्कासन में सहायक
शवासन – पूर्ण विश्राम व मानसिक तनाव कम करने के लिए
⚠️ ज़्यादा जोर वाले आसन, उल्टे आसन या सांस रोकने वाले प्राणायाम न करें।

🌿 8. आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

गौमूत्र को पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, गोजला,पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ चूर्ण, भृंगराज, तुलसी, बेहड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, रोहितका, कुटकी, भूई आंवला, अर्जुन, गिलोय, काकमाची, हल्दी, घृतकुमारी, हिमसारा, कसानी, पित्तपापड़ा,गोजला सांद्र   जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन आदि निम्नानुसार उपयोग कर इलाज करें 


1. आयुर्वेदिक हेपोरिल सिरप 6-6 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक गोअमृत सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक हेप्टोन-बी कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।

4. छिलके सहित लौकी को जूस या सूप के रूप में + थोड़ी मात्रा में काली मिर्च + रोजाना लें।  सोंठ+तुलसी के 5-5 पत्ते+पुदीना (पुदीना का पौधा)।

5. तुलसी की चटनी के इकतीस पत्तों को एक चाय के चम्मच शहद के साथ लें। सुबह 10.00 बजे और शाम 4.00 बजे लें।

6. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक का 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।

—------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

प्रतिबंधित आहार- खट्टी चीजें, अचार, इमली, तला हुआ भोजन, हींग, शारीरिक परिश्रम, धूप, काले चने, खजूर, चाय, मिठाई, सरसों, चावल, बड़े राजमा, दाल, मसाले, आलू, लिंग।

अनुचित आहार: जौ, मूंग, नारियल पानी, अंकुरित हरे गेहूं का रस, पपीता, पका हुआ केला + शहद, हनीड्यूमेलन, अंगूर, गन्ना, मूली के पत्ते, सेब, संतरा, अंकुरित अनाज, सुबह मौखिक रूप से भरपूर पानी, तुलसी +शहद, चावल, मैश, खिचड़ी, बाजरा, साबूदाना+दूध, अरारोट, गन्ने का रस, मूली, मीठी लौकी, करेला, पुदीना, फूलगोभी, पालक, धनिया, मेथी, बटर लौकी, गाजर, लहसुन, हरड़, चीकू, खजूर, ताजा छना हुआ गौमूत्र 50-50 मिलीलीटर सुबह-शाम लें, किशमिश, किशमिश, रसगुल्ला, काली बेरी, बोखरा बेर, लीची, बीटरूट, खरबूजा।

नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें।




















View full details

HEPATIC FAILURE - SUPPORT KIT

      लिवर फेलियर - सपोर्ट किट 

🧠 1. परिचय (Introduction)

Hepatic Failure या Liver Failure एक ऐसी स्थिति है जिसमें यकृत (Liver) अपनी सामान्य कार्यक्षमता (जैसे — डिटॉक्सिफिकेशन, प्रोटीन निर्माण, पित्त निर्माण, ऊर्जा चयापचय) को पूरा करने में असमर्थ हो जाता है।

👉 यह स्थिति जीवन के लिए गंभीर और आपातकालीन होती है।
👉 यह अचानक (Acute) या धीरे-धीरे (Chronic) विकसित हो सकती है।

लिवर की विफलता से शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं, खून का थक्का नहीं बनता, पाचन और मेटाबॉलिज़्म गड़बड़ा जाता है और मस्तिष्क तक प्रभावित हो सकता है।

🧪 2. प्रकार (Types)

प्रकार

विवरण

🟡 Acute Liver Failure (तीव्र यकृत विफलता)

अचानक कुछ हफ्तों में विकसित होती है — जैसे वायरल हेपेटाइटिस, दवा/ज़हर से। यह अत्यंत खतरनाक और जीवन-रक्षक चिकित्सा की मांग करती है।

🔵 Chronic Liver Failure (दीर्घकालिक)

कई महीनों–सालों में धीरे-धीरे विकसित होती है — जैसे सिरोसिस, लंबे समय से शराब/वायरल संक्रमण।

🟠 Acute-on-Chronic

पहले से क्रोनिक लिवर डिजीज वाले मरीज में अचानक तीव्र विफलता होना।

🚨 3. लक्षण (Symptoms)

⚠️ शुरुआती अवस्था में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन प्रगति तेज़ होती है, समय पर पहचान ज़रूरी है।

प्रारंभिक लक्षण 👇

भूख में कमी, थकान, पाचन गड़बड़ी
मिचली, उल्टी
हल्का पीलिया
पेट में भारीपन / दर्द

प्रगतिशील अवस्था 👇

हरा पीलिया
पेट में पानी भरना (Ascites)
पैरों में सूजन
पेशाब गहरा, मल सफेद
नींद में बदलाव, भ्रम, चिड़चिड़ापन (Hepatic Encephalopathy)
खून बहने की प्रवृत्ति (Gums, नाक, स्किन)
सांस की तकलीफ, ब्लड प्रेशर गिरना (गंभीर अवस्था में)

🧭 4. कारण (Causes)

कारण

विवरण

🦠 Viral Hepatitis (A, B, C, D, E)

Acute/Chronic संक्रमण से लिवर को नुकसान

💊 दवाइयों/ज़हर का असर

Paracetamol overdose, कुछ हर्बल या जहरीले पदार्थ

🍷 Alcohol

लम्बे समय तक अत्यधिक सेवन से सिरोसिस

🧬 ऑटोइम्यून या मेटाबोलिक रोग

जैसे Wilson's disease

🍄 विषाक्त फफूंद/रसायन

(Mushroom toxins, chemicals)

🩸 Blood flow disorders

जैसे Budd–Chiari Syndrome

🛡 5. बचाव (Prevention)

👉 लिवर फेलियर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है लिवर को समय से सुरक्षित रखना 👇

  • हेपेटाइटिस A और B के लिए वैक्सीन लगवाएं ✅
    स्वच्छ पानी व स्वच्छता बनाए रखें
    शराब और ड्रग्स का सेवन न करें 🚫
    बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर या हर्बल दवाएँ न लें (Paracetamol ओवरडोज़ विशेष रूप से खतरनाक)
    वायरल हेपेटाइटिस का समय पर उपचार
    फैटी लिवर / सिरोसिस के मरीज नियमित मॉनिटरिंग करें
    विषाक्त मशरूम या संदिग्ध पदार्थों से परहेज़

🥗 6. डाइट चार्ट (Diet Plan)

✅ अनुशंसित आहार (Pathya)

गुनगुना पानी, नारियल पानी
हल्का सुपाच्य भोजन — मूंग दाल, दलिया, खिचड़ी
हरी सब्जियाँ — लौकी, तोरी, परवल, पालक
ताजे फल — पपीता, सेब, अमरूद, तरबूज (सीजनल)
कम मात्रा में अच्छी क्वालिटी प्रोटीन (मूंग, पनीर, दही)
नमक सीमित मात्रा में (Ascites हो तो बहुत कम)
बार-बार थोड़ा-थोड़ा खाना (small frequent meals)

❌ अपथ्य (Avoid)

शराब, धूम्रपान ❌
तला-भुना, मसालेदार, भारी खाना
रेड मीट, मांसाहार
जंक फूड, पैकेट फूड, सोडा
बहुत अधिक नमक (पेट में पानी की समस्या बढ़ती है)
बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स/दवाएं

🧘♂️ 7. योगासन (Yoga Asanas)

👉 गंभीर लिवर फेलियर में योगासन डॉक्टर की अनुमति से ही करें।
👉 प्रारंभिक या रिकवरी अवस्था में हल्के योगासन लाभदायक हो सकते हैं 👇

वज्रासन – पाचन सुधारने के लिए
पवनमुक्तासन – पेट की जकड़न कम करने में
भुजंगासन (Cobra Pose) – लिवर क्षेत्र में रक्त संचार सुधारने हेतु (हल्के रूप में)
अनुलोम-विलोम प्राणायाम – विषाक्त पदार्थों के निष्कासन में सहायक
शवासन – पूर्ण विश्राम व मानसिक तनाव कम करने के लिए
⚠️ ज़्यादा जोर वाले आसन, उल्टे आसन या सांस रोकने वाले प्राणायाम न करें।

🌿 8. आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

गौमूत्र को पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, गोजला,पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ चूर्ण, भृंगराज, तुलसी, बेहड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, रोहितका, कुटकी, भूई आंवला, अर्जुन, गिलोय, काकमाची, हल्दी, घृतकुमारी, हिमसारा, कसानी, पित्तपापड़ा,गोजला सांद्र   जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन आदि निम्नानुसार उपयोग कर इलाज करें 


1. आयुर्वेदिक हेपोरिल सिरप 6-6 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक गोअमृत सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक हेप्टोन-बी कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।

4. छिलके सहित लौकी को जूस या सूप के रूप में + थोड़ी मात्रा में काली मिर्च + रोजाना लें।  सोंठ+तुलसी के 5-5 पत्ते+पुदीना (पुदीना का पौधा)।

5. तुलसी की चटनी के इकतीस पत्तों को एक चाय के चम्मच शहद के साथ लें। सुबह 10.00 बजे और शाम 4.00 बजे लें।

6. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक का 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।

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प्रतिबंधित आहार- खट्टी चीजें, अचार, इमली, तला हुआ भोजन, हींग, शारीरिक परिश्रम, धूप, काले चने, खजूर, चाय, मिठाई, सरसों, चावल, बड़े राजमा, दाल, मसाले, आलू, लिंग।

अनुचित आहार: जौ, मूंग, नारियल पानी, अंकुरित हरे गेहूं का रस, पपीता, पका हुआ केला + शहद, हनीड्यूमेलन, अंगूर, गन्ना, मूली के पत्ते, सेब, संतरा, अंकुरित अनाज, सुबह मौखिक रूप से भरपूर पानी, तुलसी +शहद, चावल, मैश, खिचड़ी, बाजरा, साबूदाना+दूध, अरारोट, गन्ने का रस, मूली, मीठी लौकी, करेला, पुदीना, फूलगोभी, पालक, धनिया, मेथी, बटर लौकी, गाजर, लहसुन, हरड़, चीकू, खजूर, ताजा छना हुआ गौमूत्र 50-50 मिलीलीटर सुबह-शाम लें, किशमिश, किशमिश, रसगुल्ला, काली बेरी, बोखरा बेर, लीची, बीटरूट, खरबूजा।

नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें।




















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