Skip to product information
1 of 3

IGA NEPHROPATHY SUPPORT KIT

IGA NEPHROPATHY SUPPORT KIT

Regular price Rs. 3,700.00 INR
Regular price Sale price Rs. 3,700.00 INR
Sale Sold out
Tax included. Shipping calculated at checkout.

IGA NEPHROPATHY SUPPORT KIT 

IgA नेफ्रोपैथी सपोर्ट किट
यह किडनी में होने वाली एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से IgA एंटीबॉडी को किडनी के फ़िल्टर (ग्लोमेरुली) में जमा कर देती है। इससे सूजन (ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस), फ़िल्टर की कमजोरी और धीरे-धीरे किडनी फंक्शन कम हो सकता है। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और कई सालों में किडनी को प्रभावित करती है।

प्रकार

फुलीमिनेंट/रैपिड प्रोग्रेसिव – तेजी से किडनी खराब होती है।
स्लो-प्रोग्रेसिव (क्रॉनिक) – धीरे-धीरे बढ़ती है, वर्षों तक स्थिर भी रह सकती है।
रिकरेंट IgA नेफ्रोपैथी – किडनी ट्रांसप्लांट के बाद वापस आ सकती है।

लक्षण

पेशाब में खून (चाय रंग/गुलाबी) – खासकर गले के इंफेक्शन के 1–2 दिन बाद
पेशाब में झाग (प्रोटीन)
पैरों/चेहरे में सूजन
हाई BP
थकान, कमजोरी
बार-बार पेशाब
किडनी फंक्शन धीरे-धीरे गिरना

मुख्य कारण

यह ऑटोइम्यून कारणों से होता है, लेकिन ट्रिगर निम्न हो सकते हैं—

बार-बार गले के इंफेक्शन
आनुवंशिक प्रवृत्ति
आंत में प्रतिरक्षा गड़बड़ी
एलर्जी/खाद्य असहिष्णुता
तनाव
जंक/प्रोसेस्ड खाद्य
ध्यान रहे—सीधा कारण नहीं, पर ट्रिगर हैं।

बचाव

गले के इंफेक्शन तुरंत ठीक करें
ब्लड प्रेशर को 120/80 के आसपास रखें
नमक कम
प्रोटीन का सेवन सीमित
धूम्रपान/शराब नहीं
इम्यून सिस्टम को संतुलित रखने वाली लाइफस्टाइल
नियमित KFT, Urine ACR, BP मॉनिटरिंग

डाइट चार्ट (IgA नेफ्रोपैथी के लिए किडनी-फ्रेंडली)

सुबह: गुनगुना पानी + तुलसी/गिलोय
नाश्ता: दलिया/पोहा/मूंग चीला, हल्का फल
मिड-मॉर्निंग: नारियल पानी या बेल का शर्बत
दोपहर:लौकी, तोरई, परवल, कद्दू जैसी सब्जियाँ
1–2 रोटी (मल्टीग्रेन)
थोड़ा चावल (यदि किडनी फेल नहीं है)
सलाद (कम सोडियम)
शाम: मोरिंगा चाय/भूना चना थोड़ा
रात: हल्की सब्जी + रोटी
सोने से पहले: गर्म पानी

अपथ्य (क्या न लें)

नमक ज्यादा
अचार, पापड़, पिज़्ज़ा, पैक्ड खाद्य
लाल मांस, सोया, अधिक दालें
कोल्ड ड्रिंक
शराब और धूम्रपान
दर्द की दवाइयाँ (NSAIDs)
बहुत तला-भुना, जंक फूड

योगासन

(किडनी की रक्त आपूर्ति व तनाव नियंत्रण के लिए)

भुजंगासन
मकरासन
शशांकासन
पवनमुक्तासन
ताड़ासन
प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, गहरी श्वास

आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

किडनी इंफ्लेमेशन कम
मूत्रमार्ग शोधन
सूजन व यूरिन क्लियरेंस
मूत्रमार्ग स्वास्थ्य
इम्यून मॉड्यूलेशन
सूजन व टॉक्सिन क्लीयरेंस में सहायक
संक्रमण व इम्यूनिटी के लिए


आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों के साथ संयोजन

आंवला, पुनर्नवा, गोखरू, अश्वगंधा, सौंफ, पशानभेड़, कुल्थी, शतावरी, गिलोय, सौंठ, कुंच बीज, भृंगराज, भूई आंवला, मेहंदी, कट सरैया, खस, दूधी, आंवला , अपामार्, अश्वगंधा , भृंगराज , भुई आंवला , गिलोय , गोखरू, कटसरैया , केवांच बीज , खस , कुल्थी , मेहंदी , पाषाणभेद , पुनर्नवा , शतावरी , सौंफ,गोजला सांद्र, आवला, अश्वगंधा, गोखरू, जीवांति, मुलेठी, पुनर्नवा, शतावरी, दालचीनी पाउडर, जायफल पाउडर, कवच बीज, लौंग पाउडर, शुद्ध शिलाजीत, घी, गुड़, हरी इलायचीगोजला जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

1. आयुर्वेदिक नेफ्रोजिन सिरप 5-5 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक कार्डोविन सिरप 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक नेफ्रोल कैप्सूल 2-2 दिन में दो बार लें।

4. सोने से पहले सिर के नीचे तकिये का उपयोग किए बिना प्रत्येक नाक में टोनर नेज़ल की 2-2 बूंदें डालें।

 इसके अलावा नाभि क्षेत्र (नाभि) पर उपरोक्त तरल की 2 बूंदें डालें और अनामिका की मदद से घुमाएं

  उंगली को क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज दिशा में 3-4 बार घुमाएं। इसी तरह रोजाना सुबह इसे दोहराएं और दोपहर के बाद क्रमशः ब्रेक फास्ट और लंच लेने के बाद। ठोस पदार्थ को पिघलाने के लिए बोतल को गर्म स्थान पर रखें पानी या सीधे सूर्य की रोशनी में।

5. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक (एसएफ) की 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

View full details

IGA NEPHROPATHY SUPPORT KIT 

IgA नेफ्रोपैथी सपोर्ट किट
यह किडनी में होने वाली एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से IgA एंटीबॉडी को किडनी के फ़िल्टर (ग्लोमेरुली) में जमा कर देती है। इससे सूजन (ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस), फ़िल्टर की कमजोरी और धीरे-धीरे किडनी फंक्शन कम हो सकता है। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और कई सालों में किडनी को प्रभावित करती है।

प्रकार

फुलीमिनेंट/रैपिड प्रोग्रेसिव – तेजी से किडनी खराब होती है।
स्लो-प्रोग्रेसिव (क्रॉनिक) – धीरे-धीरे बढ़ती है, वर्षों तक स्थिर भी रह सकती है।
रिकरेंट IgA नेफ्रोपैथी – किडनी ट्रांसप्लांट के बाद वापस आ सकती है।

लक्षण

पेशाब में खून (चाय रंग/गुलाबी) – खासकर गले के इंफेक्शन के 1–2 दिन बाद
पेशाब में झाग (प्रोटीन)
पैरों/चेहरे में सूजन
हाई BP
थकान, कमजोरी
बार-बार पेशाब
किडनी फंक्शन धीरे-धीरे गिरना

मुख्य कारण

यह ऑटोइम्यून कारणों से होता है, लेकिन ट्रिगर निम्न हो सकते हैं—

बार-बार गले के इंफेक्शन
आनुवंशिक प्रवृत्ति
आंत में प्रतिरक्षा गड़बड़ी
एलर्जी/खाद्य असहिष्णुता
तनाव
जंक/प्रोसेस्ड खाद्य
ध्यान रहे—सीधा कारण नहीं, पर ट्रिगर हैं।

बचाव

गले के इंफेक्शन तुरंत ठीक करें
ब्लड प्रेशर को 120/80 के आसपास रखें
नमक कम
प्रोटीन का सेवन सीमित
धूम्रपान/शराब नहीं
इम्यून सिस्टम को संतुलित रखने वाली लाइफस्टाइल
नियमित KFT, Urine ACR, BP मॉनिटरिंग

डाइट चार्ट (IgA नेफ्रोपैथी के लिए किडनी-फ्रेंडली)

सुबह: गुनगुना पानी + तुलसी/गिलोय
नाश्ता: दलिया/पोहा/मूंग चीला, हल्का फल
मिड-मॉर्निंग: नारियल पानी या बेल का शर्बत
दोपहर:लौकी, तोरई, परवल, कद्दू जैसी सब्जियाँ
1–2 रोटी (मल्टीग्रेन)
थोड़ा चावल (यदि किडनी फेल नहीं है)
सलाद (कम सोडियम)
शाम: मोरिंगा चाय/भूना चना थोड़ा
रात: हल्की सब्जी + रोटी
सोने से पहले: गर्म पानी

अपथ्य (क्या न लें)

नमक ज्यादा
अचार, पापड़, पिज़्ज़ा, पैक्ड खाद्य
लाल मांस, सोया, अधिक दालें
कोल्ड ड्रिंक
शराब और धूम्रपान
दर्द की दवाइयाँ (NSAIDs)
बहुत तला-भुना, जंक फूड

योगासन

(किडनी की रक्त आपूर्ति व तनाव नियंत्रण के लिए)

भुजंगासन
मकरासन
शशांकासन
पवनमुक्तासन
ताड़ासन
प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, गहरी श्वास

आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

किडनी इंफ्लेमेशन कम
मूत्रमार्ग शोधन
सूजन व यूरिन क्लियरेंस
मूत्रमार्ग स्वास्थ्य
इम्यून मॉड्यूलेशन
सूजन व टॉक्सिन क्लीयरेंस में सहायक
संक्रमण व इम्यूनिटी के लिए


आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों के साथ संयोजन

आंवला, पुनर्नवा, गोखरू, अश्वगंधा, सौंफ, पशानभेड़, कुल्थी, शतावरी, गिलोय, सौंठ, कुंच बीज, भृंगराज, भूई आंवला, मेहंदी, कट सरैया, खस, दूधी, आंवला , अपामार्, अश्वगंधा , भृंगराज , भुई आंवला , गिलोय , गोखरू, कटसरैया , केवांच बीज , खस , कुल्थी , मेहंदी , पाषाणभेद , पुनर्नवा , शतावरी , सौंफ,गोजला सांद्र, आवला, अश्वगंधा, गोखरू, जीवांति, मुलेठी, पुनर्नवा, शतावरी, दालचीनी पाउडर, जायफल पाउडर, कवच बीज, लौंग पाउडर, शुद्ध शिलाजीत, घी, गुड़, हरी इलायचीगोजला जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

1. आयुर्वेदिक नेफ्रोजिन सिरप 5-5 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक कार्डोविन सिरप 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक नेफ्रोल कैप्सूल 2-2 दिन में दो बार लें।

4. सोने से पहले सिर के नीचे तकिये का उपयोग किए बिना प्रत्येक नाक में टोनर नेज़ल की 2-2 बूंदें डालें।

 इसके अलावा नाभि क्षेत्र (नाभि) पर उपरोक्त तरल की 2 बूंदें डालें और अनामिका की मदद से घुमाएं

  उंगली को क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज दिशा में 3-4 बार घुमाएं। इसी तरह रोजाना सुबह इसे दोहराएं और दोपहर के बाद क्रमशः ब्रेक फास्ट और लंच लेने के बाद। ठोस पदार्थ को पिघलाने के लिए बोतल को गर्म स्थान पर रखें पानी या सीधे सूर्य की रोशनी में।

5. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक (एसएफ) की 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

  • NEFROGIN+ SYP 2 CARDOWIN+ 425 ml 1 NEFROL + CAP 2 TONER NASAL DROP 10 ml 1 FORTEX PAK 450 grams 1 Mouth Freshner 1

More Information To You

Things you need to know

We use industry standard SSL encryption to protect your details. Potentially sensitive information such as your name, address and card details are encoded so they can only be read on the secure server.

  • Safe Payments
  • Accept Credit Cart
  • Different Payment Method
  • Price Include VAT
  • Easy To Order

Express Delivery

  • Europe & USA within 2-4 days
  • Rest of the world within 3-7 days
  • Selected locations