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Multiple Myeloma Cancer Support Kit

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Regular price Rs. 6,500.00 INR
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 मल्टीपल मायलोमा कैंसर - सपोर्ट किट 

Multiple Myeloma Cancer Support Kit 

मल्टीपल मायलोमा रक्त का कैंसर है, जो प्लाज़्मा कोशिकाओं (Plasma Cells) में होता है। ये कोशिकाएँ सामान्यतः एंटीबॉडी बनाती हैं, पर जब कैंसरस हो जाती हैं तो हड्डियों, अस्थि मज्जा और किडनी को नुकसान पहुँचाती हैं।

🔹 प्रकार

सिम्प्टोमैटिक मल्टीपल मायलोमा – स्पष्ट लक्षणों के साथ (हड्डी का दर्द, एनीमिया आदि)।
स्मोल्डरिंग मल्टीपल मायलोमा – धीरे बढ़ता है, शुरुआती अवस्था में।
लाइट चेन मायलोमा – केवल लाइट चेन प्रोटीन बनने वाला प्रकार।

🔹 लक्षण

लगातार हड्डियों में दर्द (रीढ़, पसलियों, कूल्हों में)
बार-बार संक्रमण होना
एनीमिया (खून की कमी, थकान)
किडनी फेल्योर के लक्षण
वजन घटना, भूख कम होना
रक्त में कैल्शियम की मात्रा बढ़ना (Hypercalcemia → कमजोरी, उल्टी, कब्ज़)

🔹 कारण / रिस्क फैक्टर

उम्र (60 वर्ष से ऊपर अधिक)
परिवार में रोग का इतिहास
रेडिएशन/केमिकल का संपर्क
मोटापा व अस्वस्थ जीवनशैली
पुरुषों में अधिक

🔹 बचाव

नियमित ब्लड टेस्ट व हेल्थ चेकअप
संतुलित आहार और एक्सरसाइज
धूम्रपान व शराब से बचाव
एंटीऑक्सीडेंट व कैल्शियम संतुलित आहार

🔹 पथ्य (क्या खाएं)

फल: अनार, संतरा, जामुन, पपीता, सेब
सब्ज़ियां: पालक, ब्रोकोली, गाजर, शकरकंद, चुकंदर
अनाज: ज्वार, बाजरा, दलिया, ओट्स
प्रोटीन: मूंग दाल, तूर दाल, पनीर, अंकुरित अनाज
नट्स/सीड्स: अखरोट, बादाम, अलसी, कद्दू के बीज
डेयरी: देशी गाय का दूध, छाछ
पेय: नारियल पानी, ग्रीन टी, तुलसी जल

🔹 अपथ्य (क्या न खाएं)

तैलीय, मसालेदार व जंक फूड
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट
शराब व धूम्रपान
कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस
अधिक नमक और चीनी

🔹 योगासन (सहायक)

वज्रासन – पाचन व रक्तसंचार के लिए
पश्चिमोत्तानासन – शरीर में लचीलापन व स्ट्रेस कम
भुजंगासन – हड्डियों को मजबूत करने में सहायक
अनुलोम–विलोम, कपालभाति – इम्यूनिटी व ऑक्सीजन सप्लाई के लिए
ध्यान व शवासन – तनाव कम करने हेतु

🔹 आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

ट्यूमर/सूजन के लिए
इम्यूनिटी बढ़ाने हेतु
डिटॉक्स व पाचन सुधार
कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को धीमा करने में सहायक
प्रतिरोधक क्षमता व मानसिक शांति के लिए
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक माना जाता है

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

कांचनार गुग्गुल, सहजना, चित्रक, सारिवा, गिलोय, भूमि आंवला, मेहंदी, पाषाणभेद, अतिबला, अश्वगंधा, पुनर्नवा, मुलेठी, हल्दी, तुलसी, पीपल छाल, मंजिष्ठा, मकोय, गुलर छाल, वट (बड़ का वृक्ष), लोध्र, सहदेवी, नागकेसर, शतावरी,वासा (अडूसा), कंकोल (तेल फल), त्रिकटु, शिलाजीत, वन ककड़ी, सदा पुष्पी, रोहितक, कालमेघ, गोजला, पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, चकसू, चंद्रसूर सत्व, दरूहल्दी सत्व, धनिया सत्व, गाजर, जीरा सत्व, कलौंजी सत्व, कत्फल सत्व, ममीरा सत्व, मुलेठी सत्व, नागरमोथा सत्व, पारसिक यवानी, शुद्ध चुना, हड़जोड़, अर्जुन, मुलेठी, शतावरी, एसई हल्दी  , गिलोय,  आंवला, लाक्षा गुग्गुल,योगराज गुगल, अश्वगंधा, शतावरी, अनंतमूल, मेथी, शल्लकी, निर्गुंडी, सौंठ, चित्रक, शालपर्णी, गंभारी, गिलोय, देवदारु, रासना, चोपचीनी, तुलसी, मेदा लकड़ी, लहसुन, सुरंजन, गोजला  जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक अन्य मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन के साथ रोग का  इलाज करें |

1. आयुर्वेदिक किमोट्रिम सिरप 6-6 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक हिपोरील सिरप 2-2   चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक बोनक्योर एवं रूमालेक्स  सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

4. आयुर्वेदिक एंसोक्योर कैप्सूल 2-2 दिन में दो बार लें।

5. सुबह और शाम एक गिलास गाय के दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर उबालकर पिएँ । दूध में आधा आधा छोटा चम्मच  आयुर्वेदिक टोनर लिक्विड मिलाएं।

6. 31 तुलसी के पत्तों की चटनी बनाकर एक चम्मच शहद के साथ रोजाना सुबह 10.00 बजे और शाम 4.00 बजे लें

7. 2 -2 चम्मच आयुर्वेदिक फॉरटेक्स पाक दिन में दो बार लें।

8. दिन में 2-3 बार आयुर्वेदिक ओमनी ऑयल से हल्की मालिश करें।


प्रतिबंधित आहार:- अचार, इमली, मसालेदार भोजन, शराब, धूम्रपान, तम्बाकू चबाना और अन्य नशीले पदार्थ, चीनी (शक्कर), मैदा, उड़द की दाल, बेसन, मिठाइयाँ, ठंडा और ठंडा पेय, भारतीय यान)

सुझाए गए आहार:- हरी पत्तेदार सब्जियां और जूस, दालचीनी, अंजीर, स्ट्रॉबेरी, ब्लू  बेरी, ब्लैक  बेरी, फूलगोभी, नाशपाती, कद्दू, अदरक,सौंठ, धनिया, खीरा, प्याज, संतरा, नींबू, पपीता, शकरकंद, कीवी, हरी फलियाँ, लहसुन,जौ,मूँग,कुलथी,करेला,भिंडी,बादाम,पिस्ता,अखरोट,चिरोंजी,गेहूं,के,ज्वारे,का,रस,लौकी,पालक,टमाटर,अंगूर,चुकंदर,मेथी,हल्दी,गाजर,अनानास,मूली के पत्ते,आम,अनार,, सेब, नारियल पानी, किशमिश, मुनक्का, शहद, तरबूज, पत्तागोभी का सूप, ड्रम-स्टिक, आड़ू, बेर, बाजरा, काबुली चना, काजू, जामुन , ग्रे चावल, बैंगनी रतालू, अमरूद), केला (दिन में) गर्म पानी

नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें। 



 
https://cowurine.com/en/contact

Whatsapp the reports- 9179078878

Call For Free Consultation- 07313599100

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मल्टीपल मायलोमा रक्त का कैंसर है, जो प्लाज़्मा कोशिकाओं (Plasma Cells) में होता है। ये कोशिकाएँ सामान्यतः एंटीबॉडी बनाती हैं, पर जब कैंसरस हो जाती हैं तो हड्डियों, अस्थि मज्जा और किडनी को नुकसान पहुँचाती हैं।

🔹 प्रकार

सिम्प्टोमैटिक मल्टीपल मायलोमा – स्पष्ट लक्षणों के साथ (हड्डी का दर्द, एनीमिया आदि)।
स्मोल्डरिंग मल्टीपल मायलोमा – धीरे बढ़ता है, शुरुआती अवस्था में।
लाइट चेन मायलोमा – केवल लाइट चेन प्रोटीन बनने वाला प्रकार।

🔹 लक्षण

लगातार हड्डियों में दर्द (रीढ़, पसलियों, कूल्हों में)
बार-बार संक्रमण होना
एनीमिया (खून की कमी, थकान)
किडनी फेल्योर के लक्षण
वजन घटना, भूख कम होना
रक्त में कैल्शियम की मात्रा बढ़ना (Hypercalcemia → कमजोरी, उल्टी, कब्ज़)

🔹 कारण / रिस्क फैक्टर

उम्र (60 वर्ष से ऊपर अधिक)
परिवार में रोग का इतिहास
रेडिएशन/केमिकल का संपर्क
मोटापा व अस्वस्थ जीवनशैली
पुरुषों में अधिक

🔹 बचाव

नियमित ब्लड टेस्ट व हेल्थ चेकअप
संतुलित आहार और एक्सरसाइज
धूम्रपान व शराब से बचाव
एंटीऑक्सीडेंट व कैल्शियम संतुलित आहार

🔹 पथ्य (क्या खाएं)

फल: अनार, संतरा, जामुन, पपीता, सेब
सब्ज़ियां: पालक, ब्रोकोली, गाजर, शकरकंद, चुकंदर
अनाज: ज्वार, बाजरा, दलिया, ओट्स
प्रोटीन: मूंग दाल, तूर दाल, पनीर, अंकुरित अनाज
नट्स/सीड्स: अखरोट, बादाम, अलसी, कद्दू के बीज
डेयरी: देशी गाय का दूध, छाछ
पेय: नारियल पानी, ग्रीन टी, तुलसी जल

🔹 अपथ्य (क्या न खाएं)

तैलीय, मसालेदार व जंक फूड
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट
शराब व धूम्रपान
कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस
अधिक नमक और चीनी

🔹 योगासन (सहायक)

वज्रासन – पाचन व रक्तसंचार के लिए
पश्चिमोत्तानासन – शरीर में लचीलापन व स्ट्रेस कम
भुजंगासन – हड्डियों को मजबूत करने में सहायक
अनुलोम–विलोम, कपालभाति – इम्यूनिटी व ऑक्सीजन सप्लाई के लिए
ध्यान व शवासन – तनाव कम करने हेतु

🔹 आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी 

ट्यूमर/सूजन के लिए
इम्यूनिटी बढ़ाने हेतु
डिटॉक्स व पाचन सुधार
कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को धीमा करने में सहायक
प्रतिरोधक क्षमता व मानसिक शांति के लिए
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक माना जाता है

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

कांचनार गुग्गुल, सहजना, चित्रक, सारिवा, गिलोय, भूमि आंवला, मेहंदी, पाषाणभेद, अतिबला, अश्वगंधा, पुनर्नवा, मुलेठी, हल्दी, तुलसी, पीपल छाल, मंजिष्ठा, मकोय, गुलर छाल, वट (बड़ का वृक्ष), लोध्र, सहदेवी, नागकेसर, शतावरी,वासा (अडूसा), कंकोल (तेल फल), त्रिकटु, शिलाजीत, वन ककड़ी, सदा पुष्पी, रोहितक, कालमेघ, गोजला, पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, चकसू, चंद्रसूर सत्व, दरूहल्दी सत्व, धनिया सत्व, गाजर, जीरा सत्व, कलौंजी सत्व, कत्फल सत्व, ममीरा सत्व, मुलेठी सत्व, नागरमोथा सत्व, पारसिक यवानी, शुद्ध चुना, हड़जोड़, अर्जुन, मुलेठी, शतावरी, एसई हल्दी  , गिलोय,  आंवला, लाक्षा गुग्गुल,योगराज गुगल, अश्वगंधा, शतावरी, अनंतमूल, मेथी, शल्लकी, निर्गुंडी, सौंठ, चित्रक, शालपर्णी, गंभारी, गिलोय, देवदारु, रासना, चोपचीनी, तुलसी, मेदा लकड़ी, लहसुन, सुरंजन, गोजला  जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक अन्य मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन के साथ रोग का  इलाज करें |

1. आयुर्वेदिक किमोट्रिम सिरप 6-6 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक हिपोरील सिरप 2-2   चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक बोनक्योर एवं रूमालेक्स  सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

4. आयुर्वेदिक एंसोक्योर कैप्सूल 2-2 दिन में दो बार लें।

5. सुबह और शाम एक गिलास गाय के दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर उबालकर पिएँ । दूध में आधा आधा छोटा चम्मच  आयुर्वेदिक टोनर लिक्विड मिलाएं।

6. 31 तुलसी के पत्तों की चटनी बनाकर एक चम्मच शहद के साथ रोजाना सुबह 10.00 बजे और शाम 4.00 बजे लें

7. 2 -2 चम्मच आयुर्वेदिक फॉरटेक्स पाक दिन में दो बार लें।

8. दिन में 2-3 बार आयुर्वेदिक ओमनी ऑयल से हल्की मालिश करें।


प्रतिबंधित आहार:- अचार, इमली, मसालेदार भोजन, शराब, धूम्रपान, तम्बाकू चबाना और अन्य नशीले पदार्थ, चीनी (शक्कर), मैदा, उड़द की दाल, बेसन, मिठाइयाँ, ठंडा और ठंडा पेय, भारतीय यान)

सुझाए गए आहार:- हरी पत्तेदार सब्जियां और जूस, दालचीनी, अंजीर, स्ट्रॉबेरी, ब्लू  बेरी, ब्लैक  बेरी, फूलगोभी, नाशपाती, कद्दू, अदरक,सौंठ, धनिया, खीरा, प्याज, संतरा, नींबू, पपीता, शकरकंद, कीवी, हरी फलियाँ, लहसुन,जौ,मूँग,कुलथी,करेला,भिंडी,बादाम,पिस्ता,अखरोट,चिरोंजी,गेहूं,के,ज्वारे,का,रस,लौकी,पालक,टमाटर,अंगूर,चुकंदर,मेथी,हल्दी,गाजर,अनानास,मूली के पत्ते,आम,अनार,, सेब, नारियल पानी, किशमिश, मुनक्का, शहद, तरबूज, पत्तागोभी का सूप, ड्रम-स्टिक, आड़ू, बेर, बाजरा, काबुली चना, काजू, जामुन , ग्रे चावल, बैंगनी रतालू, अमरूद), केला (दिन में) गर्म पानी

नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें। 



 
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