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SICKLE CELL ANEMIA - SUPPORT KIT

SICKLE CELL ANEMIA - SUPPORT KIT

Regular price Rs. 5,200.00 INR
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SICKLE CELL ANEMIA - SUPPORT KIT

सिकल सेल एनीमिया - सपोर्ट किट 

संक्षिप्त परिचय:
सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक (Genetic) रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) गोल की बजाय हंसिए (Sickle) के आकार की हो जाती हैं। इससे रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है और RBC जल्दी नष्ट होने लगते हैं, जिससे एनीमिया और दर्द के दौरे (Crisis) होने लगते हैं। यह बीमारी माता-पिता के जीन्स से बच्चे में आती है।

प्रकार:
सिकल सेल रोग मुख्यतः दो प्रकार में:

  1. Sickle Cell Disease (SCD) — जिसमें सिकल जीन दोनों माता-पिता से मिलता है। यह गंभीर रूप।

  2. Sickle Cell Trait (SCT) — केवल एक माता या पिता से जीन मिलता है। लक्षण हल्के या नहीं भी दिखते। व्यक्ति कैरियर होता है।

लक्षण:
लगातार थकान
पीलापन (चहरा, होंठ, नाखून)
जोड़ों, छाती और हड्डियों में तीव्र दर्द (Pain Crisis)
बुखार, संक्रमण जल्दी होना
सांस फूलना
बच्चों में विकास धीमा
पानी की कमी जल्दी होना
स्प्लीन, लिवर का बढ़ना
मूत्र में गहरा रंग

कारण:
यह बीमारी Hemoglobin S gene की वजह से होती है।
अगर दोनों माता-पिता में यह जीन हो तो बच्चे में SCD होने की संभावना अधिक।
भारत में यह बीमारी अधिकतर अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में देखी जाती है (MP, Maharashtra, Gujarat, Chhattisgarh, Odisha आदि)।

बचाव:
शादी से पहले Sickle Cell screening (Hb Electrophoresis टेस्ट) कराना
कैरियर–कैरियर मैरिज से बचाव
संक्रमण से बचना, नियमित टीकाकरण
लंबे समय तक धूप/ठंड से बचना
पानी की कमी न होने देना

डाइट चार्ट:
आसानी से पचने वाला और पोषक आहार लें
आयरनयुक्त खाद्य पदार्थ: खजूर, चुकंदर, गुड़, हरी पत्तेदार सब्जियाँ
फोलेट (Vitamin B9): मूंग, मसूर दाल, एवोकाडो, पालक
विटामिन B12 स्रोत: दूध, छाछ, दही, पनीर
विटामिन C: आंवला, नींबू, संतरा — आयरन अवशोषण बढ़ाता
ओमेगा-3: अलसी, अखरोट
बहुत सारा पानी, नारियल पानी
सूखे मेवे: किशमिश, अंजीर
बार-बार कम मात्रा में भोजन

अपथ्य (बचने योग्य चीजें):
तली-भुनी व भारी चीजें
अधिक चीनी और जंक फूड
धूम्रपान और शराब
ठंडी जगहों पर अचानक एक्सपोजर
पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
तनाव और अत्यधिक परिश्रम

योगासन:
प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, नाड़ी शोधन
आसन: भुजंगासन, पश्चिमोत्तानासन, ताड़ासन, सेटू बंधासन
शिथिलीकरण तकनीकें: शवासन, योग निद्रा
(नियमित और हल्के रूप में; दर्द के समय आसन न करें)

आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी
रक्त की कमी कम करना
दर्द के दौरे रोकना
प्रतिरक्षा मजबूत करना
जीवन गुणवत्ता सुधरना

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, गोजला,कांचनार गुग्गुल, सहजना, चित्रक, सारिवा, गिलोय, भूमि आंवला, मेहंदी, पाषाणभेद, अतिबला, अश्वगंधा, पुनर्नवा, मुलेठी, हल्दी, तुलसी, पीपल छाल, मंजिष्ठा, मकोय, गुलर छाल, वट (बड़ का वृक्ष), लोध्र, सहदेवी, नागकेसर, शतावरी,वासा (अडूसा), कंकोल (तेल फल), त्रिकटु, शिलाजीत, वन ककड़ी, सदा पुष्पी, रोहितक, कालमेघ,शतावरी, आंवला, गोखरू, अश्वगंधा, पुनर्नवा, अर्जुन, गिलोय, नीम, रसना, वासा, कुटकी, भुई आंवला,नीम, पुनर्नवा, अश्वगंधा, आंवला, गोखरू, शंखपुष्पी, तुलसी, पिप्पली, भृंगराज, कटुकी, चित्रक, बहेड़ा, गिलोय, सोंठ जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन के साथ  इलाज करें |

1. आयुर्वेदिक हेपोरिल, केमोट्रिम सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक रेडॉक्सिल, टॉक्सिनोल सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक बोनक्योर कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।

4. प्रतिदिन भोजन में लौकी को सब्जी के रूप में लें।

5. आयुर्वेदिक टोनर आधा-आधा चम्मच (2.5 मिली) सुबह एक गिलास गाय के गुनगुने दूध के साथ लें।

      प्रतिदिन संध्या भी 

6. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक की 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

—---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

प्रतिबंधित आहार- अचार, इमली, तले हुए पदार्थ, अधिक नमकीन चीजें, मैदा, मिठाइयाँ, शारीरिक परिश्रम, क्रोध, तैलीय आलू।

अनुशंसित आहार: प्याज, मट्ठा, एम्ब्लिक हरड़, संतरा, खुशी, लहसुन, अनार, पपीता, नींबू, टमाटर, अंकुरित अनाज, सुबह मौखिक रूप से भरपूर पानी, गेहूं + चने की रोटी, सेब, ककड़ी, खजूर, किशमिश, केला, शहद, आलू, खजूर, मीठी लौकी, चौलाई, पत्तागोभी, दही, राजमा, मक्का, ज्वार, चुकंदर, 50-50 मिलीलीटर ताजा छना हुआ गौमूत्र सुबह-शाम लें, करेला, अंजीर, आम, चना, अंगूर, मेथी, बाजरा, चीनी का डिब्बा, कूरेंट, गाजर, टमाटर, ककड़ी छोटी, पालक, मूली, गेहूं घास का रस, अनार का रस + नीबू।

नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें।















Whatsapp the reports- 9179078878

Call For Free Consultation- 07313599100

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संक्षिप्त परिचय:
सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक (Genetic) रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) गोल की बजाय हंसिए (Sickle) के आकार की हो जाती हैं। इससे रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है और RBC जल्दी नष्ट होने लगते हैं, जिससे एनीमिया और दर्द के दौरे (Crisis) होने लगते हैं। यह बीमारी माता-पिता के जीन्स से बच्चे में आती है।

प्रकार:
सिकल सेल रोग मुख्यतः दो प्रकार में:

  1. Sickle Cell Disease (SCD) — जिसमें सिकल जीन दोनों माता-पिता से मिलता है। यह गंभीर रूप।

  2. Sickle Cell Trait (SCT) — केवल एक माता या पिता से जीन मिलता है। लक्षण हल्के या नहीं भी दिखते। व्यक्ति कैरियर होता है।

लक्षण:
लगातार थकान
पीलापन (चहरा, होंठ, नाखून)
जोड़ों, छाती और हड्डियों में तीव्र दर्द (Pain Crisis)
बुखार, संक्रमण जल्दी होना
सांस फूलना
बच्चों में विकास धीमा
पानी की कमी जल्दी होना
स्प्लीन, लिवर का बढ़ना
मूत्र में गहरा रंग

कारण:
यह बीमारी Hemoglobin S gene की वजह से होती है।
अगर दोनों माता-पिता में यह जीन हो तो बच्चे में SCD होने की संभावना अधिक।
भारत में यह बीमारी अधिकतर अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में देखी जाती है (MP, Maharashtra, Gujarat, Chhattisgarh, Odisha आदि)।

बचाव:
शादी से पहले Sickle Cell screening (Hb Electrophoresis टेस्ट) कराना
कैरियर–कैरियर मैरिज से बचाव
संक्रमण से बचना, नियमित टीकाकरण
लंबे समय तक धूप/ठंड से बचना
पानी की कमी न होने देना

डाइट चार्ट:
आसानी से पचने वाला और पोषक आहार लें
आयरनयुक्त खाद्य पदार्थ: खजूर, चुकंदर, गुड़, हरी पत्तेदार सब्जियाँ
फोलेट (Vitamin B9): मूंग, मसूर दाल, एवोकाडो, पालक
विटामिन B12 स्रोत: दूध, छाछ, दही, पनीर
विटामिन C: आंवला, नींबू, संतरा — आयरन अवशोषण बढ़ाता
ओमेगा-3: अलसी, अखरोट
बहुत सारा पानी, नारियल पानी
सूखे मेवे: किशमिश, अंजीर
बार-बार कम मात्रा में भोजन

अपथ्य (बचने योग्य चीजें):
तली-भुनी व भारी चीजें
अधिक चीनी और जंक फूड
धूम्रपान और शराब
ठंडी जगहों पर अचानक एक्सपोजर
पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
तनाव और अत्यधिक परिश्रम

योगासन:
प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, नाड़ी शोधन
आसन: भुजंगासन, पश्चिमोत्तानासन, ताड़ासन, सेटू बंधासन
शिथिलीकरण तकनीकें: शवासन, योग निद्रा
(नियमित और हल्के रूप में; दर्द के समय आसन न करें)

आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी
रक्त की कमी कम करना
दर्द के दौरे रोकना
प्रतिरक्षा मजबूत करना
जीवन गुणवत्ता सुधरना

आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन

पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, गोजला,कांचनार गुग्गुल, सहजना, चित्रक, सारिवा, गिलोय, भूमि आंवला, मेहंदी, पाषाणभेद, अतिबला, अश्वगंधा, पुनर्नवा, मुलेठी, हल्दी, तुलसी, पीपल छाल, मंजिष्ठा, मकोय, गुलर छाल, वट (बड़ का वृक्ष), लोध्र, सहदेवी, नागकेसर, शतावरी,वासा (अडूसा), कंकोल (तेल फल), त्रिकटु, शिलाजीत, वन ककड़ी, सदा पुष्पी, रोहितक, कालमेघ,शतावरी, आंवला, गोखरू, अश्वगंधा, पुनर्नवा, अर्जुन, गिलोय, नीम, रसना, वासा, कुटकी, भुई आंवला,नीम, पुनर्नवा, अश्वगंधा, आंवला, गोखरू, शंखपुष्पी, तुलसी, पिप्पली, भृंगराज, कटुकी, चित्रक, बहेड़ा, गिलोय, सोंठ जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।

आवश्यक मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन के साथ  इलाज करें |

1. आयुर्वेदिक हेपोरिल, केमोट्रिम सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

2. आयुर्वेदिक रेडॉक्सिल, टॉक्सिनोल सिरप 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

3. आयुर्वेदिक बोनक्योर कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।

4. प्रतिदिन भोजन में लौकी को सब्जी के रूप में लें।

5. आयुर्वेदिक टोनर आधा-आधा चम्मच (2.5 मिली) सुबह एक गिलास गाय के गुनगुने दूध के साथ लें।

      प्रतिदिन संध्या भी 

6. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक की 2-2 चम्मच दिन में दो बार लें।

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प्रतिबंधित आहार- अचार, इमली, तले हुए पदार्थ, अधिक नमकीन चीजें, मैदा, मिठाइयाँ, शारीरिक परिश्रम, क्रोध, तैलीय आलू।

अनुशंसित आहार: प्याज, मट्ठा, एम्ब्लिक हरड़, संतरा, खुशी, लहसुन, अनार, पपीता, नींबू, टमाटर, अंकुरित अनाज, सुबह मौखिक रूप से भरपूर पानी, गेहूं + चने की रोटी, सेब, ककड़ी, खजूर, किशमिश, केला, शहद, आलू, खजूर, मीठी लौकी, चौलाई, पत्तागोभी, दही, राजमा, मक्का, ज्वार, चुकंदर, 50-50 मिलीलीटर ताजा छना हुआ गौमूत्र सुबह-शाम लें, करेला, अंजीर, आम, चना, अंगूर, मेथी, बाजरा, चीनी का डिब्बा, कूरेंट, गाजर, टमाटर, ककड़ी छोटी, पालक, मूली, गेहूं घास का रस, अनार का रस + नीबू।

नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें।















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