
STROKE - SUPPORT KIT
स्ट्रोक - सपोर्ट किट
संक्षिप्त परिचय:
स्ट्रोक या पक्षाघात मस्तिष्क में रक्त प्रवाह रुकने या फटने के कारण होने वाली गंभीर अवस्था है। इससे मस्तिष्क की कोशिकाएँ ऑक्सीजन और पोषण से वंचित हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप शरीर का कोई हिस्सा सुन्न या निष्क्रिय हो सकता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें समय पर उपचार बहुत आवश्यक होता है।
प्रकार:
-
इस्कीमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke):
यह सबसे सामान्य प्रकार है (लगभग 80-85%)। इसमें किसी धमनी में थक्का (blood clot) बनने से रक्त प्रवाह रुक जाता है। -
हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke):
इसमें मस्तिष्क की किसी रक्त वाहिका के फटने से रक्तस्राव होता है, जिससे मस्तिष्क ऊतक को नुकसान होता है। -
ट्रांजिएंट इस्कीमिक अटैक (TIA या Mini Stroke):
यह अस्थायी रूप से कुछ मिनटों या घंटों के लिए होता है। इसे भविष्य में बड़े स्ट्रोक का चेतावनी संकेत माना जाता है।
लक्षण:
शरीर के एक ओर अचानक कमजोरी या सुन्नपन
बोलने या समझने में कठिनाई
दृष्टि धुंधली होना या एक आंख से देखना बंद होना
सिर में तेज दर्द (बिना कारण)
चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना
मुंह टेढ़ा हो जाना
चलने या खड़े होने में परेशानी
स्मरण सूत्र: FAST
-
F – Face drooping (चेहरा टेढ़ा)
A – Arm weakness (हाथ कमजोर)
S – Speech difficulty (बोलने में परेशानी)
T – Time to call emergency (तुरंत चिकित्सक से संपर्क)
मुख्य कारण:
हाई ब्लड प्रेशर (सबसे बड़ा कारण)
कोलेस्ट्रॉल और फैटी डाइट
मधुमेह
धूम्रपान और शराब
मोटापा और निष्क्रिय जीवनशैली
हृदय रोग
तनाव और नींद की कमी
बचाव के उपाय:
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर चेक करें।
हल्का व्यायाम या पैदल चलना रोज करें।
धूम्रपान, शराब और जंक फूड से बचें।
संतुलित और फाइबर युक्त भोजन लें।
तनाव नियंत्रित करें और पर्याप्त नींद लें।
पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें।
डाइट चार्ट (उपयुक्त आहार):
सुबह: तुलसी जल या नींबू पानी, ओट्स या दलिया
नाश्ता: साबुत अनाज की रोटी, हरी सब्जियाँ, फल (जैसे सेब, पपीता, अमरूद)
दोपहर: ब्राउन राइस, दाल, सलाद, कम तेल में बनी सब्जी
शाम: ग्रीन टी, मखाने या अंकुरित अनाज
रात: हल्की खिचड़ी या सूप, सोने से पहले गुनगुना दूध (बिना चीनी)
अपथ्य (वर्जित चीजें):
तला हुआ और मसालेदार भोजन
नमक और चीनी की अधिक मात्रा
रेड मीट, बेकरी आइटम्स, कोल्ड ड्रिंक
कैफीन का अत्यधिक सेवन
देर रात तक जागना और तनावपूर्ण जीवन
योगासन:
प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति (हल्के रूप में)
आसन: ताड़ासन, वृक्षासन, शवासन, पवनमुक्तासन, मकरासन
ध्यान: मन को शांत रखने के लिए नियमित ध्यान और योग निद्रा करें
आयुर्वेदिक जैंस काऊ यूरिन थेरेपी
आयुर्वेद में स्ट्रोक को "पक्षाघात" कहा गया है, जो मुख्यतः वात दोष की वृद्धि से होता है।
उपचार में वात-शामक, स्नायुओं को पोषण देने वाले तथा रक्त प्रवाह सुधारने वाले उपाय अपनाए जाते हैं।
शरीर के जकड़न और सुन्नता में लाभदायक
तनाव और मस्तिष्क को शांत करने हेतु
वात संतुलन के लिए
आयुर्वेदिक औषधियों के साथ संयोजन
गोमूत्र के साथ पुनर्नवा, आंवला, कालमेघ, भृंगराज, तुलसी, बहेड़ा, मुलेठी, नागरमोथा, पिप्पली, रोहितक, कुटकी, सौंठ, भुई आंवला, विडंग, गिलोय, काकमाची, काली मिर्च, चित्रक, मेंहदी, घृतकुमारी, जीरा, पुनर्नवा, अर्जुन, अश्वगंधा, आंवला, शतावरी, भृंगराज, नागरमोथा, जटामांसी, गोखरू, गिलोय, सर्पगंधा, सौंठ, इलायची, गोजला, अर्जुन, पुनर्नवा, गुडूची, गोटू कोला, आंवला, बिभीतकी, हरितकी, गुग्गुलु, पिप्पली, अदरक, इलायची,गोजला सांद्र जैसी औषधियों के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।
आवश्यक अन्य मेडिसिन के कांबीनेशन के साथ पथ्य-अपथ्य, योगासन के साथ रोग का इलाज करें |
1. आयुर्वेदिक कार्डोविन सिरप 4-4 चम्मच दिन में दो बार लें।
2. आयुर्वेदिक ब्रैन्टोन सिरप 4-4 चम्मच पूर्ण और 1-1 चम्मच गोअमृत सिरप दिन में दो बार लें।
3. आयुर्वेदिक कार्डोरिड कैप्सूल 1-1 दिन में दो बार लें।
4. दिन में 2-3 बार आयुर्वेदिक ओमनी ऑयल से हल्की मालिश करें।
5. सोने से पहले सिर के नीचे तकिये का उपयोग किए बिना प्रत्येक नाक में आयुर्वेदिक टोनर नेज़ल की 2-2 बूंदें डालें। इसके अलावा नाभि क्षेत्र (नाभि) पर उपरोक्त तरल की 2 बूंदें डालें और अनामिका की मदद से उंगली को दक्षिणावर्त और वामावर्त दिशा में 3-4 बार घुमाएं। इसी प्रकार इसे प्रतिदिन क्रमशः सुबह और दोपहर के भोजन के बाद दोहराएँ। ठोस पदार्थ को पिघलाने के लिए बोतल को गर्म पानी में या सीधे सूर्य की रोशनी में रखें।
6. प्रतिदिन भोजन में मीठी लौकी को सब्जी के रूप में लें।
7. आयुर्वेदिक फोर्टेक्स पाक का 1-1 चम्मच दिन में दो बार लें।
8.
—---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------प्रतिबंधित आहार- अचार, इमली, बारीक बेसन, बड़ी मटर, सुपारी, ठंडी चीजें, अधिक नमकीन चीजें, तुवर-दाल, चाय, आलू, भिंडी, लाल आलू, कद्दू, मटर, अरबी।
अनुशंसित आहार: काले चने, भारतीय गाय का दूध, लहसुन, मीठी लौकी, अंकुरित अनाज, सुबह मौखिक रूप से भरपूर गुनगुना पानी, चोकर के साथ चपाती, मैश, बाजरा, राजमा, आम अंजीर, अंगूर, आम, कस्टर्ड-सेब, सेब, नाशपाती, पपीता, परवल, तोरई, करेला, अदरक, प्याज, मेथी, ताजा छना हुआ गौमूत्र 50-50 मिलीलीटर सुबह-शाम लें।
नाश्ते में फल लें, दोपहर के भोजन से पहले सलाद लें और सुबह की धूप में 15 से 30 मिनट बैठें।
- CARDOWIN SYP-2 BTRANTONE + SYP-2 GOAMRUT SYP-1 BRANINTONE CAP-1 FORTEX PAK-1 TONER NASAL DROP-1 MUKHWASS-1 OMNI OIL -1
More Information To You
Things you need to know
We use industry standard SSL encryption to protect your details. Potentially sensitive information such as your name, address and card details are encoded so they can only be read on the secure server.
- Safe Payments
- Accept Credit Cart
- Different Payment Method
- Price Include VAT
- Easy To Order
Express Delivery
- Europe & USA within 2-4 days
- Rest of the world within 3-7 days
- Selected locations